अपने गुरु पर विश्वास रखे

By | June 19, 2019

बहुत पुरानी बात है II कहीं एक बहुत ज्ञानी और पहुंचे हुए संत थे, संत के आश्रम में 30 सेवक रहते थे , जो अपने गुरु से दीक्षा लेते थे और आश्रम की सेवा करते थे I

एक समय उनमे से एक सेवक की बहन का विवाह तय हो गया , परन्तु उस सेवक के घर की हालत बहुत ख़राब थी, बहन के विवाह के लिए उनके पास कोई धन नहीं था I उस आश्रम में सभी सेवक अपने गुरु को बहुत मानते थे इसलिए उस सेवक ने गुरु जी इस समस्या का हल करवाने की सोची II

अब सेवक ने गुरुजी के आगे अरदास की ” गुरूजी, गांव में मेरी बहन की शादी है , आज एक महीना रह गया है , तो मैं दस दिन के लिए वहां जाऊंगा, मै आपसे प्रार्थना करता हूँ की आप भी मेरे साथ चले “II सेवक की यह बात सुन कर अन्तर्यामी गुरु जी सब कुछ समझ गए और उन्होंने कहा “बेटा देखो , यह तो समय बताएगा की मै जायूँगा या नहीं परन्तु तुम तो वहां अवश्य जाओगे ” I उस सेवक ने बीच-बीच में गुरु जी की तरफ इशारा भी किया कि गुरुजी कुछ ना कुछ मेरी मदद कर दे ,परन्तु गुरु जी तो बस मुस्कराते ही रहे II अपने गुरु पर विश्वास रखे 1

आखिर विवाह का दिन भी नजदीक आ गया और सेवक ने कहा ” गुरु जी मै कल सुबह गांव जाऊंगा” और गुरु जी ने कहा ” ठीक है बेटा, मेरा आशीर्वाद सदा तुम्हारे साथ है “II सुबह हो गई और जब वह सेवक जाने लगा तो गुरु जी ने उसे 5 किलो अनार दिए और कहा ” ले जा बेटा भगवान तेरी बहन की शादी खूब धूमधाम से करें दुनिया याद करें ऐसी शादी तो हमने कभी देखी ही नहीं ” साथ में दो सेवक भेज दिये जाओ तुम शादी पूरी करके आ जाना, तुम्हारी यात्रा मंगलमयी हो II

अब सेवक दूसरे सेवको की साथ चल पड़ा , जब सेवक आश्रम से 100 किलोमीटर दूर गए तो वह सेवक अपने साथियो से बोला ” गुरु जी को पता ही था कि मेरी बहन की शादी है और हमारे पास कुछ भी नहीं है फिर भी गुरु जी ने मेरी मदद नहीं की, गुरूजी ने यह अच्छा नहीं किया”II

दो-तीन दिन के बाद वह सेवक अपने घर पहुंच गया उसका घर राजस्थान रेतीली इलाके में था,जहां कोई फसल नहीं होती थी, वहां के राजा की लड़की कुछ दिनों से बीमारचल रही थी और राजवैध ने इस बीमारी का ईलाज यह बताया ” इस लड़की को यदि अनार के साथ यह दवाई दी जाएगी तो यह लड़की ठीक हो जाएगी” II परन्तु उस रेतीले इलाके में अनार का मिलना संभव नहीं था, इसलिए राजा ने पुरे राज्य में यह मुनादी करवा रखी थी अगर किसी के पास आनार है तो राजाजी उसे बहुत सारा इनाम देंगे I

इधर मुनादी वाले ने आवाज लगाई ” अगर किसी के पास आनार है तो राजा को जरूरत है जल्दी आ जाओ, राजा उसे बहुत सारा इनाम देंगे ” I जब यह आवाज उन सेवकों के कानों में पड़ी वह सेवक उस मुनादी वाले के पास गए और बोले ” हमारे पास आनार है चलो राजा जी के पास”I

और इस प्रकार राजाजी को अनार दिए गए, अनार का जूस निकाला गया राजकुमारी को दवाई दी गई, अब वह राजकुमारी बिलकुल ठीक हो गई I राजा जी ने उस सेवक से पूछा ” तुम कहां से आए हो” तो सेवक ने सारी हकीकत बता दी, यह सुनकर राजा ने कहा ” ठीक है, तुम्हारी बहन की शादी में करूंगा” I राजा जी ने हुकुम दिया “ऐसी शादी होनी चाहिए कि लोग यह कहे कि यह राजा की लड़की की शादी है ” I

अब तो गुरु जी के आशीवार्द से सेवक की बहन की शादी बहुत धूमधाम से हुई , बारातियों को सोने चांदी गहने के उपहार दिए गए बरात की सेवा बहुत अच्छी हुई ,लड़की को बहुत सारा धन दिया गया ,लड़की के मां-बाप को बहुत ही जमीन जायदाद आलीशान मकान और बहुत ही पैसे रुपए दिए गए लड़की भी राजी खुशी विदा होकर चली गई I

अब सेवक सोचने लगा ” गुरु की महिमा गुरु ही जाने हम ना जाने क्या-क्या सोच रहे थे गुरु जी के बारे में गुरु जी के वचन थे जा बेटा तेरी बहन की शादी ऐसी होगी की दुनिया देखेगी, और सच में शादी ऐसी ही हुई” , यह सोच कर सेवक रोने लगा और जल्दी से आश्रम जाकर अपने गुरु के चरणों में गिर कर क्षमा मांगने लगा I और दयालु गुरु ने सेवक को अपने गले से लगा लिया I I

शिक्षा

संतों के वचन के अंदर ताकत होती है लेकिन हम नहीं समझते जो भी वह वचन निकालते हैं वह सिद्ध हो जाता है हमें संतों के वचनों के ऊपर अमल करना चाहिए और अपने गुरु पर विश्वास करना चाहिए ना जाने संत मोज में आकर क्या दे दे और रंक से राजा बना दे ।

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