स्नान कब करना चाहिए

By | June 17, 2019

हमारे हिन्दू धर्म में सुबह के स्नान को  चार नाम दिए है।

*1*  *मुनि स्नान।*
जो सुबह 4 से 5 के बीच  किया जाता है।
यह स्नान घर में सुख ,शांति ,समृद्धि, विध्या , बल , आरोग्य , चेतना , प्रदान करता है।
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*2*  *देव स्नान।*
जो सुबह 5 से 6 के बीच  किया जाता है।
यह आप के जीवन में यश , कीर्ति , धन वैभव,सुख ,शान्ति, संतोष , प्रदान करता है।

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*3*  *मानव स्नान।*
जो सुबह 6 से 8 के बिच किया जाता है।
यह स्नान  काम में सफलता ,भाग्य ,अच्छे कर्मो की सूझ ,परिवार में एकता , मंगल मय , प्रदान करता है।

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*4*  *राक्षसी स्नान।*
जो सुबह 8 के बाद किया जाता है। 
यह स्नान घर में दरिद्रता , हानि , कलेश ,धन हानि , परेशानी, प्रदान करता है ।

इसलिए 
▶मुनि स्नान सर्वोत्तम है।
▶देव स्नान उत्तम है।
▶मानव स्नान समान्य है।
▶राक्षसी स्नान धर्म में निषेध है।

सार : किसी भी मानव को 8 बजे के बाद स्नान नही करना चाहिए।

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