Category Archives: Chalisa/Aarti

Shri Hanuman Chalisa |Hanuman chalisa in hindi

हनुमान चालीसा (Shri Hanuman Chalisa) तुलसीदास की अवधी में लिखी एक काव्यात्मक कृति है, जिसमें प्रभु राम के महान भक्त हनुमान के गुणों एवं कार्यों का चालीस चौपाइयों में वर्णन है। यह अत्यन्त लघु रचना है जिसमें पवनपुत्र श्री हनुमान जी की सुन्दर स्तुति की गई है। इसमें बजरंग बली‍ की भावपूर्ण वन्दना तो है… Read More »

Mata Lakshmi ki Aarti /लक्ष्मी माता की आरती, ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता/Jayalakshmi Mata Ki

माँ वैष्णो देवी की तीन रूपों माता काली, माता लक्ष्मी और माता सरस्वती में से माता लक्ष्मी हिन्दू धर्म की एक प्रमुख देवी मानी जाती है | माता लक्ष्मी धन, सम्पदा, शान्ति और समृद्धि की देवी मानी जाती हैं। जिस मनुष्य पर माता लक्ष्मी की कृपा हो जाती है, उसके घर में सुख , समृद्धि,… Read More »

Kali Mata ki Aarti /Ambe tu hai Jagdembe kali/अम्बे तू है जगदम्बे काली

Kali Mata ki Aarti माता काली दुर्गा माता के तीन रूपों में से एक प्रमुख रूप मानी जाती है । यह सुन्दरी रूप वाली भगवती दुर्गा का काला और भयानक रूप है, जिसकी उत्पत्ति राक्षसों का वध करने के लिये ही हुई थी। परन्तु माता काली का यह भयानक रूप केवल राक्षसों और दुष्टों का… Read More »

दुर्गा माता की आरती : जय अम्बे गौरी / Durga Aarti

दुर्गा माता की आरती /Durga Aarti /जय अम्बे गौरी माँ दुर्गा की मुख्य आरती जय अम्बे गोरी मानी जाती है | इस आरती में त्रिदेव के द्वारा माँ दुर्गा की महिमा का गुणगान करते बताया गया है | इसी आरती में माँ के सुहागन रूप और माँ काली के कूर रूप से भी अवगत कराया गया है… Read More »

शनि चालीसा पाठ / Shani Chalisa Pathh

शनि ग्रह की पीड़ा को शान्त करने के लिए और भगवान् शनि की कृपा को प्राप्त करने के लिए शनिवार के दिन शनि चालीसा का पाठ करना चाहिए !! Shani Chalisa जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल। दोहा दीनन के दुख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज। करहु… Read More »

भगवान् शिव की आरती – 2019 ॐ जय शिव ओंकारा

भगवान् शिव की आरती – Shiv Ki Aarti भगवान् शिव जिन्हें इस सृष्टि के संचालक के रूप में जाना जाता है, जिन्हें देवो के देव महादेव, शंकर, रूद्र, नीलकंठ, गंगाधर इत्यादि कितने ही नामो से पुकारा जाता है , इन्ही भगवान् शिव को हमारा कोटि कोटि नमस्कार ॥ कहा जाता है की भगवान् शिव तो… Read More »

शिव चालीसा /Shiv Chalisa

Shiv Chalisa Path ॥दोहा॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ भगवान् शिव की आरती ॥चौपाई॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥ भाल चन्द्रमा सोहत नीके। कानन कुण्डल नागफनी के॥ अंग गौर शिर गंग बहाये। मुण्डमाल तन क्षार लगाए॥ वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे। छवि को देखि… Read More »