Kali Mata ki Aarti /Ambe tu hai Jagdembe kali/अम्बे तू है जगदम्बे काली

Kali Mata ki Aarti

माता काली दुर्गा माता के तीन रूपों में से एक प्रमुख रूप मानी जाती है । यह सुन्दरी रूप वाली भगवती दुर्गा का काला और भयानक रूप है, जिसकी उत्पत्ति राक्षसों का वध करने के लिये ही हुई थी। परन्तु माता काली का यह भयानक रूप केवल राक्षसों और दुष्टों का नाश करने के लिए ही है, अपने इसी भयानक रूप से दुष्टों का वध कर माँ काली अपने भक्तो की रक्षा करती है ।

काली काली महाकाली कालिके परमेश्वरी ।
सर्वानन्दकरी देवी नारायणि नमोऽस्तुते ।।

काली माता का मंत्र :

जीवन के सभी संकटो को दूर करने के लिए इस मंत्र का जाप करना चाहिए- ओम ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै:

माता काली को प्रसन करने के लिए भक्त जन उनकी विधिवत पूजा करते है और पूजा के अंत में उनकी आरती करते है ।

Kali Mata ki Aarti

अम्बे तू है जगदम्बे काली , जय दुर्गे खप्पर वाली, (Ambe tu hai jagdambe kali, jai durge khappar wali)


तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ॥ (Tere hi gun gave bharti, O maiya hum sab utari teri aarti )

तेरे भक्त जनो पर माता भीर पड़ी है भारी। (Tere bhakt jano par mata bheer padi hai bhari )

दानव दल पर टूट पड़ो मां करके सिंह सवारी॥ (Danav dal par tut pado maa karke singh swari )

सौ-सौ सिहों से बलशाली, है अष्ट भुजाओं वाली, (So So sinho se balshali, hai asth bujao wali )

दुष्टों को तू ही ललकारती। (Dustho ko tu hi lalkarti )
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥ (O maiya hum sab utari teri aarti)

माँ-बेटे का है इस जग में बड़ा ही निर्मल नाता। (Maa bete ka hai is jag me bada hi nirmal nata)

पूत-कपूत सुने है पर ना माता सुनी कुमाता॥ (Put kaput sune hai par naa mata suni kumata)

सब पे करूणा दर्शाने वाली, अमृत बरसाने वाली, (Sb pe karuna darshane wali, amrit barsane wali)

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दुखियों के दुखड़े निवारती। (Dukhiyo ke dukhde niwarati )
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥ (O maiya hum sab utari teri aarti)

नहीं मांगते धन और दौलत, न चांदी न सोना। (Nahin mangte dhan aur daulat, naa chandi naa sona)

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हम तो मांगें तेरे चरणों में छोटा सा कोना॥ (Hum to mange tere charno me chota sa kona)

सबकी बिगड़ी बनाने वाली, लाज बचाने वाली, (sabki bigdi banane wali, laaj bachane wali)

सतियों के सत को संवारती। (satioyo ke sat ko sawarti )
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥ (O maiya hum sab utare teri aarti)

चरण शरण में खड़े तुम्हारी, ले पूजा की थाली। (Charan sharn me khade tumhari, le puja ki thali)

वरद हस्त सर पर रख दो माँ संकट हरने वाली॥ (vard hast sar par rakh do , maa sankat harne wali)

माँ भर दो भक्ति रस प्याली, अष्ट भुजाओं वाली, (Maa bhar do bhkti ras pyali)

भक्तों के कारज तू ही सारती। (bhakto ke kaaj tu hi sarti)

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ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥ (O maiya hum sab utari teri aarti)

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जय माँ काली जय माँ काली जय माँ काली जय माँ काली

 

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