2019 करवाचौथ का महत्व, शुभ मुहर्त, पूजा विधि और व्रत कथा | karva chauth 2019 | Karva Chauth Ka Vrat

By | October 10, 2019

karva chauth ka vrat

मुझे गर्व है अपने देश भारत पर, अपनी भारतीय संस्कृति पर ,अपने भारतीय इतिहास पर | मुझे गर्व है की मैं भारत देश की नारी हूँ , उस देश की नारी, जिस देश में सीता और सावित्री जैसी महान नारियों ने जन्म लिया | जिन्होंने अपना पति धर्म निभाते हुए, अपने सतीत्व के बल पर, मृत्यु पर भी विजय प्राप्त कर ली | उसी देश की नारी हूँ मै, जहाँ पति को ईश्वर और भगवान् मान कर पूजा जाता है, जहाँ पति की दीर्घायु के लिए निर्जल उपवास किया जाता है | ऐसे ही पति की दीर्घ आयु प्रदान करने वाला एक उपवास का नाम है ” करवाचौथ” !!

2019 KARVACHOUTH
IMAGE BY SHARMILA DESHPANDE

करवाचौथ जिसके आगमन की तैयारी, सुहागिन स्त्रियाँ कई दिन पहले ही आरम्भ कर देती है | नयी पोशाक (dress ), नयी चूड़ियाँ (bangles), पार्लर (parlor), मेहँदी (mehndi) और भी ना जाने क्या कया, करवाचौथ का यह निर्जल उपवास स्त्रियाँ बहुत उत्साह से रखती है |

Karva Chauth Ka Vrat

हिन्दू पंचांग के अनुसार करवाचौथ (karva chouth )का यह त्योहार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है । इस साल यह त्योहार 17 अक्टूबर (गुरुवार) को है। इस वर्ष करवा चौथ का महत्व इसलिए और बढ़ रहा है क्योंकि इस साल करवा चौथ (karva chouth 2019) पर एक विशेष संयोग बन रहा है। बताया जा रहा है कि यह संयोग 70 साल बाद बन रहा है। इस बार रोहिणी नक्षत्र के साथ मंगल का योग होना अधिक मंगलकारी बना रहा है। यह योग बहुत ही मंगलकारी है और इस दिन व्रत करने से सुहागिनों को व्रत का फल कई गुणा प्राप्त होगा ।

करवाचौथ (karva chauth 2019) की पूजा का शुभ मुहर्त ( Karwa chauth puja muhurata) 17:50:03 से 18:58:47 तक अवधि: 1 घंटे 8 मिनट Karwa chauth vrat time
सुबह 6:21 से रात 8:18 तक करवा चौथ चंद्रोदय समय 20:15:59

करवा चौथ व्रत पूजन सामग्री :

करवाचौथ से 1 -2 दिन पहले यह सामान आप बाजार (market ) से खरीद ले :
1. पीतल या मिट्टी का टोंटीदार करवा, कुछ लोग चीनी का करवा भी use करते है ।
2. दीपक, रुई की बाती, कपूर, हल्दी, पानी का लोटा, करवा के ढक्कन में रखने के लिए गेहूं के दाने
3. अपनी बहु को देने के लिए सरगी की थाली : सरगी की थाली में बादाम, फल और मेवे, दूध और फेनिया- ( फेनिया, सरगी का एक जरूरी हिस्सा है, दूध और फेनिया. यह रीति-रिवाज के लिहाज से ही नहीं सेहत के लिहाज से भी बहुत अहम है. फेनिया गेहूं के आटे से तैयार होती है और इसे दूध में बनाया जाता है. यह प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का अच्छा मेल है. इसे खाने से आप दिन भर एनर्जी से भरपूर रह सकती हैं) 4. सिंगार का सामान जैसे मेहँदी, चूड़ियाँ आदि
5. लकड़ी का आसन, छलनी, कांस की 9 या 11 तीलियां, कच्चा दूध, अगरबत्ती, फूल, चंदन, शहद, शक्कर, फल, मिठाई, दही, गंगाजल, चावल, सिंदूर, महावर, मेहंदी, चूड़ी, कंघी, बिंदी, चुनरी, प्रसाद के हलुआ पूड़ी व मिठाई और दक्षिणा के लिए खुले रुपए।
6. सास को देने के लिए बायने की थाली : इस थाली में आप मिठाई, मेवा, साड़ी, रूपये आदि रख सकते है
7. करवाचौथ माता की तस्वीर

सावित्री व्रत की कथा सुनने से मिलता है अखण्ड सौभाग्य /व्रत

करवाचौथ व्रत की पूजा विधि (Karva chauth 2019)

करवाचौथ के दिन सुबह 5 बजे उठे (जब अँधेरा हो और सूर्य उदय ना हुआ हो), तब मन ही मन गणेश जी को प्रणाम करे और प्रेम से सरगी खाये |

उसके पश्चात पूरे दिन निर्जला रहें।

शाम को 4 बजे तक दुल्हन की तरह सिंगार कर तैयार हो जाये |

अब लकड़ी के आसन पर लाल कपडा बिछा कर करवाचौथ माता की तस्वीर रखे |

एक थाली में सारी पूजन समाग्री रख ले, जल से भरा हुआ लोटा रखें। लोटे के जल में एक फूल, एक सिक्का और थोड़े चावल के दाने भी डालें |

वायना (भेंट) देने के लिए मिट्टी का अथवा चीनी का करवा लें। करवा में गेहूं और ढक्कन में चावल रखे । यह चावल टुटा हुआ नहीं होना चाहिए, उसके ऊपर दक्षिणा रखें।

अब अपना सर ढक ले और करवाचौथ की माता के चित्र में गणेश जी पर तिलक करे, उनकी पूजा करे ,उन्हें प्रणाम करे , उसके पश्चात करवाचौथ माता की विधिवत पूजा करे

पूजा के पश्चात, अपनी गोद में बायने वाला करवा और सास को देने के बायने वाला समान रखे |

करवा पर 13 बिंदी रखें और गेहूं या चावल के 13 दाने हाथ में लेकर करवा चौथ की कथा कहें या सुनें। कथा सुनने से पहले गणेश जी की कथा सुने |

कथा सुनने के बाद ये चावल के दाने कलश में डाल दे |

कथा सुनने के बाद करवा पर हाथ घुमाकर अपनी सासुजी के पैर छूकर आशीर्वाद लें और बायना उन्हें दे दें। रात्रि में चन्द्रमा निकलने के बाद छलनी की ओट से उसे देखें और चन्द्रमा को उसी कलश के जल से अर्घ्य दें।

इसके बाद पति से आशीर्वाद लें। उन्हें भोजन कराएं और स्वयं भी भोजन कर लें।

करवाचौथ व्रत कथा (karva chauth 2019)

बहुत समय पहले की बात है, एक साहूकार के सात बेटे और उनकी एक बहन करवा थी। सभी सातों भाई अपनी बहन से बहुत प्यार करते थे। यहां तक कि वे पहले उसे खाना खिलाते और बाद में स्वयं खाते थे। एक बार उनकी बहन ससुराल से मायके आई हुई थी।

शाम को भाई जब अपना व्यापार-व्यवसाय बंद कर घर आए तो देखा उनकी बहन बहुत व्याकुल थी। सभी भाई खाना खाने बैठे और अपनी बहन से भी खाने का आग्रह करने लगे, लेकिन बहन ने बताया कि उसका आज करवा चौथ का निर्जल व्रत है और वह खाना सिर्फ चंद्रमा को देखकर उसे अर्घ्‍य देकर ही खा सकती है। चूंकि चंद्रमा अभी तक नहीं निकला है, इसलिए वह भूख-प्यास से व्याकुल हो उठी है।

सबसे छोटे भाई को अपनी बहन की हालत देखी नहीं जाती और वह दूर पीपल के पेड़ पर एक दीपक जलाकर चलनी की ओट में रख देता है। दूर से देखने पर वह ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे चतुर्थी का चांद उदित हो रहा हो।

शनिवार व्रत कथा

इसके बाद भाई अपनी बहन को बताता है कि चांद निकल आया है, तुम उसे अर्घ्य देने के बाद भोजन कर सकती हो। बहन खुशी के मारे सीढ़ियों पर चढ़कर चांद को देखती है, उसे अर्घ्‍य देकर खाना खाने बैठ जाती है। वह पहला टुकड़ा मुंह में डालती है तो उसे छींक आ जाती है। दूसरा टुकड़ा डालती है तो उसमें बाल निकल आता है और जैसे ही तीसरा टुकड़ा मुंह में डालने की कोशिश करती है तो उसके पति की मृत्यु का समाचार उसे मिलता है। वह बौखला जाती है।

उसकी भाभी उसे सच्चाई से अवगत कराती है कि उसके साथ ऐसा क्यों हुआ। करवा चौथ का व्रत गलत तरीके से टूटने के कारण देवता उससे नाराज हो गए हैं और उन्होंने ऐसा किया है।

सच्चाई जानने के बाद करवा निश्चय करती है कि वह अपने पति का अंतिम संस्कार नहीं होने देगी और अपने सतीत्व से उन्हें पुनर्जीवन दिलाकर रहेगी। वह पूरे एक साल तक अपने पति के शव के पास बैठी रहती है। उसकी देखभाल करती है। उसके ऊपर उगने वाली सूईनुमा घास को वह एकत्रित करती जाती है। एक साल बाद फिर करवा चौथ का दिन आता है। उसकी सभी भाभियां करवा चौथ का व्रत रखती हैं। जब भाभियां उससे आशीर्वाद लेने आती हैं तो वह प्रत्येक भाभी से ‘यम सूई ले लो, पिय सूई दे दो, मुझे भी अपनी जैसी सुहागिन बना दो’ ऐसा आग्रह करती है, लेकिन हर बार भाभी उसे अगली भाभी से आग्रह करने का कह चली जाती है।

इस प्रकार जब छठे नंबर की भाभी आती है तो करवा उससे भी यही बात दोहराती है। यह भाभी उसे बताती है कि चूंकि सबसे छोटे भाई की वजह से उसका व्रत टूटा था अतः उसकी पत्नी में ही शक्ति है कि वह तुम्हारे पति को दोबारा जीवित कर सकती है, इसलिए जब वह आए तो तुम उसे पकड़ लेना और जब तक वह तुम्हारे पति को जिंदा न कर दे, उसे नहीं छोड़ना। ऐसा कह कर वह चली जाती है। सबसे अंत में छोटी भाभी आती है। करवा उनसे भी सुहागिन बनने का आग्रह करती है, लेकिन वह टालमटोली करने लगती है। इसे देख करवा उन्हें जोर से पकड़ लेती है और अपने सुहाग को जिंदा करने के लिए कहती है। भाभी उससे छुड़ाने के लिए नोचती है, खसोटती है, लेकिन करवा नहीं छोड़ती है।

karva chauth 2019

अंत में उसकी तपस्या को देख भाभी पसीज जाती है और अपनी छोटी अंगुली को चीरकर उसमें से अमृत उसके पति के मुंह में डाल देती है। करवा का पति तुरंत श्रीगणेश-श्रीगणेश कहता हुआ उठ बैठता है। इस प्रकार प्रभु कृपा से उसकी छोटी भाभी के माध्यम से करवा को अपना सुहाग वापस मिल जाता है।

हे करवा माता , जिस प्रकार करवा को चिर सुहागन का वरदान आपसे मिला है, वैसा ही सब सुहागिनों को मिले।

जय करवा माता जय करवा माता जय करवा माता जय करवा माता

अंत में मैं ज्योति गोयनका अपने देश की सभी बहनो को करवा चौथ के त्यौहार की शुभ कामनाएं देती हूँ , Wish u all a very very Happy Karva Chauth

karvachauth image by : Nisha

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