माँ वैष्णो देवी के चमत्कार की सत्य कथा |Maa sherawali ki kahani

Maa sherawali ki kahani – आप सभी दोस्तों को मेरा सादर नमस्कार। दोस्तों जैसा कि आप सब जानते हैं, मेरा नाम ज्योति गोयनका है, मेरा एक Youtube channel है और और मैं Youtube पर devotional Videos बनाती हूं । इन videos को बनाने के पीछे मेरा एक ही लक्ष्य (aim) था हमारे समाज (society) ,में हमारे देश (India) में धर्म का प्रचार करना । 

Maa sherawali ki kahani
Maa sherawali ki kahani

मैं हमेशा Youtube पर आप सबको धार्मिक कथाएं (stories) , त्योहारों और मंदिरों की कहानी सुनाती रहती हूं परंतु आज जो कथा (story) मैं आपको सुनाने जा रही हूं वह मेरी स्वयं की कथा है । वह मां दुर्गा के चमत्कार की सत्य कथा (true story) है । जी हां दोस्तो मां दुर्गा ने मेरे जीवन (life) में एक बहुत बड़ा चमत्कार किया है और यह चमत्कार की सत्य कथा (real story) मैं आप सबके साथ शेयर (share) करना चाहती हूं ताकि आप सबका भी मां दुर्गा में विश्वास बढे और आप सब उनकी शरण में जाएं । तो दोस्तो यह बात लगभग पंद्रह – सोलह वर्ष पहले की है । 

Maa sherawali ki kahani

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मेरे husband उस समय गंभीर रूप से बीमार हो गए थे । हॉस्पिटल में उनका कई दिन treatment चला और कई test भी हुए । तब जाकर मालूम हुआ कि मेरे husband को ब्रेन टीबी (Brain t.b.) था और यह टीबी उनके ब्रेन (brain) में पूरी तरह से फैल चुकी थी । बीमारी बहुत गंभीर थी । Doctors उनका treatment कर रहे थे । कई Strong medicines मेरे husband को दी जा रही थीं परंतु कई दिनों के treatment के पश्चात भी मेरे husband की तबियत में कोई improvement नहीं आई ।  (Maa sherawali ki kahani )

तब doctors ने मेरे husband की brain surgery करने की advice दी। परंतु यह ब्रेन सर्जरी ( brain surgery) इतनी अधिक risky थी कि doctors ने हमें पहले से ही यह चेतावनी दे दी कि इस surgery के बाद कुछ भी हो सकता था । परंतु हमारे पास कोई और चारा न था ।

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डॉक्टर्स की यह बात सुनकर मैं बहुत ज्यादा डिप्रेशन(depression) में आ गयी । यदि सर्जरी करवाए तो भी risky था , और न करवाएं तो भी risky था । उस समय जब चारों ओर अंधेरा ही अंधेरा था तब उस अंधेरे में मुझे उम्मीद की एक ही किरण दिखाई दी । और वो थी माँ दुर्गा, माँ वैष्णो देवी, जो इस पुरे जगत की माँ है, और एक वही थी जो मेरे इस दुःख को दूर कर सकती थी । (Maa sherawali ki kahani )

Maa sherawali ki kahani
Maa Sherawali ki kahani

मैंने मां दुर्गा के चमत्कारिक नवार्ण मंत्र के विषय में बहुत सुना था । तो उस समय मैंने मां के इसी नवार्ण मंत्र ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे इस मंत्र का जाप करना आरंभ कर दिया । अब तो मैं  दिन रात उठते बैठते खाते पीते इस मंत्र का जाप करने लगी और इस प्रकार जाप करते हुए मुझे केवल 15-16 दिन ही बीते थे  ।

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कि एक दिन सुबह सुबह लगभग साढ़े सात बजे की बात है । यह बात मैं आज भी याद करती हूं तो मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं । उस दिन भी मैं सुबह साढ़े सात बजे आंखें बंद करके इस नवार्ण मंत्र का जाप कर रही थी कि अचानक मेरी बंद आँखों से मैंने क्या देखा । (Maa sherawali ki kahani )

“मैंने देखा एक शेर चलता हुआ वहाँ आया और खड़ा हो गया । उसके पश्चात लाल रंग की साड़ी पहने अपने बालों को खोले हुए मां दुर्गा मां दुर्गा मुझे दिखाई दी जो धीरे धीरे चलती हुई वहां आई और उस शेर पर बैठ गयी । मां दुर्गा बहुत उदास लग रही थी । और मां दुर्गा ने मुझसे पूछा “बेटी तू मुझे क्यों याद क्या कर रही है ।”

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 मां दुर्गा के पूछने पर मैं भावुक होकर रो पड़ी । रोते रोते कहने लगी “मां मेरे पति को बचा लो ,उन्हें जीवनदान दे दो, Please माँ उन्हें बचा लो, मां उन्हें बचा लो ।” मेरी यह बात सुनकर मां दुर्गा कुछ seconds के लिए कुछ नहीं बोली । और फिर कुछ seconds के बाद मां दुर्गा ने उत्तर दिया : “ठीक है बेटी मैं कोशिश करती हूं “।और इतना कहने के पश्चात मां दुर्गा और उनका शेर वहां से गायब हो गए । 

और यह सब देखकर मैंने अपनी आँखें खोल दी । यह सब देखकर मैं अभी भी कांप रही थी और मैं सोचने लगी यह मुझे क्या दिखाई दिया । क्या यह सच था या फिर मेरे मन का भ्रम था । परन्तु यह सब सच ही था । ( Maa sherawali ki kahani)

ठीक एक घंटे के बाद लगभग साढ़े आठ बजे मैं अपनी स्कूल बस में बैठकर स्कूल जा रही थी । उस समय मैं स्कूल में job करती थी कि ठीक साढ़े आठ बजे मेरे मोबाइल पर मेरे दूर की एक cousion का फोन आया और उसने कहा “ज्योति दीदी मैं वैष्णो देवी जाना चाहती हूं । इसलिए आप मेरी दो या तीन दिन के बाद की टिकट् करवा दीजिये और दीदी आप भी मेरे साथ मां के दरबार में चलिए “।

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मेरी cousion कि यह बात सुनकर मैं एकदम से चौंक पड़ी । ठीक एक घंटा पहले मां ने मुझसे कहा था मैं कोशिश करती हूं ।और ठीक एक घंटे के बाद मां के दरबार से बुलावा, हो ना हो मां दुर्गा ने ही मुझे बुलाया है । और यही सोचकर मैंने तत्काल train से दो दिन के बाद की जम्मू की tickets करवा ली। अब दो दिन के पश्चात मैं अपनी cousion के साथ मां वैष्णो देवी के दरबार के लिए निकल पड़ी ।   ( Maa sherawali ki kahani)

Maa Sherawali ki kahani
My Vaishno Devi Yatra

Maa sherawali ki kahani – वहां जाकर मां के पवित्र दर्शन किए ।और दर्शन के पश्चात अपने घर वापिस हुई । वहां से आकर जैसे ही मैंने अपने घर में कदम रखा उसी क्षण से मां की कृपा से मेरे husband की तबियत में सुधार आने लगा। मेरे husband की ब्रेन सर्जरी (Brain surgery) हुई परंतु मां दुर्गा के आशीर्वाद से यह इतनी बड़ी brain surgery भी बिल्कुल ठीक हो गई । और सर्जरी के पश्चात एक वर्ष तक मेरे husband का treatment चला और इस बीच मैं सदा मां के नवार्ण मंत्र ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे इस मंत्र का जाप करती रही । ठीक एक वर्ष के पश्चात अचानक एक दिन उसी डॉक्टर का मेरे पास फोन आया जो मेरे husband का treatment कर रहे थे ।उन्होंने मुझे मेरे husband का M.R.I. Test करवाने के लिए कहा । मैंने अगले ही दिन husband का M.R.I. test करवाया ।   ( Maa sherawali ki kahani)

और दो दिन के बाद जब डॉक्टर ने मेरे सामने रिपोर्ट (Report) खोली । वह एकदम हैरान हो गए और बोले “अरे यह चमत्कार हैं, ऐसा कैसे हो गया । आपके husband के brain में अब उस बीमारी का कोई निशान तक भी नहीं है । यह कैसे संभव (possible) हो गया । अब आपके husband पूरी तरह ठीक हो गए हैं ।”

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Doctor की यह बात सुनकर मैं खुशी के मारे रो पड़ी । और मां वैष्णो देवी को मैंने लाखो बार, करोडो बार धन्यवाद दिया उन्होंने मेरे सुहाग की रक्षा की थी। इसी बीच में मां के नवार्ण मंत्र का जाप करती रही । कुछ दिनों के पश्चात माँ दुर्गा ने मुझे स्वपन में फिर से अपने सुंदर दर्शन दिए और कहा ” बेटी ज्योति, तू अपने घर में मेरी अखंड ज्योत जला । जिस घर में मेरी अखंड ज्योत जलती है, मैं वहां सदा निवास करती हूं और उस घर की सदा रक्षा करती हूं । “

मां के स्वप्न में दर्शन पाकर मैं आत्म विभोर हो गई । और मां की आज्ञा से मैंने अपने घर के मंदिर में, मां की अखंड ज्योत जलाई । जो आज तक निरंतर दिन रात जल रही है । और जब तक मैं जीवित हूं तब तक जलती रहेगी ।

मां दुर्गा इतनी अधिक दयालु हैं कि तब से वह मेरी और मेरे घर की रक्षा कर रही हैं । मेरा रोम रोम उन्हें कोटि कोटि धन्यवाद देता है । उन्होंने मुझे एक मां की तरह ममता और प्यार दिया है ,जो प्यार मुझे इंसानों से नहीं मिला वह मुझे मां वैष्णो देवी से मिला है । मैं आज जो कुछ भी हूं मां वैष्णो की कृपा से ही हूँ ।   ( Maa sherawali ki kahani)

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मैंने उनकी इतनी भक्ति नहीं की , जितना अधिक उन्होंने मुझे प्रेम दिया है । “मां मैं आपको कोटि कोटि धन्यवाद करती हूं कि आपने मुझ पर अपनी इतनी कृपा बरसाई। मां आपको मेरा कोटि कोटि धन्यवाद ।”

Maa sherawali ki kahani – अंत में मैं आप सभी से भी यही निवेदन करती हूं कि आप सब भी मां दुर्गा की शरण में जाएं । और इस नवार्ण मंत्र का जाप करते रहें । माँ दुर्गा आपके सभी दुखो को दूर कर देंगी। ऐसा मुझे पूर्ण विश्वास है क्योंकि “जहाँ आस्था है वहीँ रास्ता है ” एक बार जोर से बोलिए “जयकारा शेरावाली दा बोल साँचे दरबार की जय  “।

 ( Maa sherawali ki kahani)

जय माता दी


ज्योति गोयनका

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