माता लक्ष्मी को पाने के लिए पूजे नारायण को/ Story in hindi

By | July 30, 2019
Mata Lakshmi

माता लक्ष्मी को पाने के लिए पूजे नारायण को

यह बिलकुल सच है की इस दुनिया में जीने के लिए हवा और पानी के साथ साथ माया की भी बहुत आवश्यकता है l “माया” अथार्त “धन” ……    धन को कमाने के लिए इंसान कड़ी मेहनत करता है और माता लक्ष्मी से अपने घर में निवास करने के लिए प्रार्थना करता है |

माता लक्ष्मी जिन्हे धन की देवी माना जाता है, कहा जाता है की जिस पर माता लक्ष्मी की कृपा हो जाये, उसका घर धन दौलत और सभी सुख सुविधाओं से भर जाता है |

Mata laxmi
Mata Laxmi

यही कारण है कि सभी लोग माता लक्ष्मी की कृपा को पाने के लिए उनकी पूजा करते है , उनसे प्रार्थना करते है लेकिन अपने घर में सुख शांति और समृद्धि को पाने  के लिए हमे कुछ और बातो का भी ध्यान रखना चाहिए, इसी विषय पर मै यहाँ एक कहानी प्रस्तुत कर रही हूँ …….. 

माता लक्ष्मी को पाने के लिए पूजे नारायण को/ Story in hindi

एक बार भगवान नारायण माता लक्ष्मी जी से बोले, “लोगो में भक्ति, कितनी बढ़ गयी है …. सब “नारायण नारायण” करते हैं !” तो लक्ष्मी जी बोली, “आप को पाने के लिए नहीं!, मुझे पाने के लिए भक्ति बढ़ गयी है!” यह सुनकर भगवान नारायण बोले, “लोग “लक्ष्मी लक्ष्मी” ऐसा जाप थोड़े ही ना करते हैं !” अब माता लक्ष्मी बोली ” स्वामी, विश्वास ना हो तो परीक्षा हो जाए!”

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Mata Laxmi and Lord Vishnu

परीक्षा लेने के लिए भगवान नारायण एक गाँव में ब्राह्मण का रूप लेकर गए…एक घर का दरवाजा खटखटाया…घर के यजमान ने दरवाजा खोल कर पूछा , “आप कौन है ?” तो …भगवान बोले, “हम तुम्हारे नगर में भगवान का कथा-कीर्तन करना चाहते है…” .
यजमान बोला, “ठीक है महाराज, जब तक कथा होगी, आप मेरे घर में रहना…”

गाँव के कुछ लोग इकट्ठा हो गये और सब तैयारी कर दी….पहले दिन कुछ लोग आये…अब भगवान स्वयं कथा कर रहे थे तो संगत बढ़ी ! दूसरे और तीसरे दिन और भी भीड़ हो गयी….भगवान खुश हो गए..की कितनी भक्ति है लोगो में….!

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Village

अब माता लक्ष्मी ने सोचा : देखा जाये, कि क्या चल रहा है। लक्ष्मी माता ने बुढ्ढी माता का रूप लिया….और उस नगर में पहुंची…. एक महिला ताला बंद कर के कथा में जा रही थी कि माता उसके द्वार पर पहुंची ! बोली, “बेटी ज़रा पानी पिला दे!”
तो वो महिला बोली,”माताजी , साढ़े 3 बजे है…मेरे को प्रवचन में जाना है!”

लक्ष्मी माता बोली..”पिला दे बेटी थोडा पानी…बहुत प्यास लगी है..” तो वह महिला लोटा भर के पानी लायी….माता ने पानी पिया और लोटा वापिस लौटाया तो वह सोने का हो गया था!! यह देख कर महिला अचंभित हो गयी कि लोटा दिया था तो स्टील का और वापस लिया तो सोने का ! कैसी चमत्कारिक माता जी हैं !..अब तो वो महिला हाथ-जोड़ कर कहने लगी कि, “माताजी आप को भूख भी लगी होगी ..खाना खा लीजिये..!” यह सोचा कि खाना खाएगी तो थाली, कटोरी, चम्मच, गिलास आदि भी सोने के हो जायेंगे।

माता लक्ष्मी बोली, “तुम जाओ बेटी, तुम्हारा प्रवचन का टाइम हो गया!” वह महिला प्रवचन में आई तो सही …लेकिन आस-पास की महिलाओं को उसने सारी बात बतायी…. अब महिलायें यह बात सुनकर सत्संग में से उठ कर चली गयी !!

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Village Women

अगले दिन से कथा में लोगों की संख्या कम हो गयी….अब भगवान ने पूछा कि, “लोगो की संख्या अचानक कम कैसे हो गयी ?” किसी ने कहा, ‘एक चमत्कारिक माताजी आई हैं गाँव में… जिस के घर दूध पीती हैं तो गिलास सोने का हो जाता है,…. थाली में रोटी सब्जी खाती हैं तो थाली सोने की हो जाती है !… उसी कारण लोग प्रवचन में नहीं आते..”

यह सुनकर भगवान नारायण समझ गए कि लक्ष्मी जी का आगमन हो चुका है! इतनी बात सुनते ही भगवान् ने देखा कि जो यजमान सेठ जी थे, वह भी उठ खड़े हो गए….. और खिसक गए! पहुंचे माता लक्ष्मी जी के पास ! बोले, “ माता, मैं तो भगवान की कथा का आयोजन कर रहा था और आप ने मेरे घर को ही छोड़ दिया !” माता लक्ष्मी बोली, “तुम्हारे घर तो मैं सब से पहले आनेवाली थी ! लेकिन तुमने अपने घर में जिस कथाकार को ठहराया है ना , वो चला जाए तभी तो मैं आऊं !” सेठ जी बोले, “बस इतनी सी बात !… अभी उनको धर्मशाला में कमरा दिलवा देता हूँ !”

जैसे ही महाराज (भगवान्) कथा कर के घर आये तो सेठ जी बोले, “ महाराज आप अपना बिस्तर बांधो ! आपकी व्यवस्था अबसे धर्मशाला में कर दी है !!” महाराज बोले, “ अभी तो 2/3 दिन बचे है कथा के…..यहीं रहने दो” सेठ बोले, “नहीं नहीं, जल्दी जाओ ! मैं कुछ नहीं सुनने वाला ! किसी और मेहमान को ठहराना है। ”

माता लक्ष्मी को पाने के लिए पूजे नारायण को/ Story in hindi 1
Lord Vishnu and Mata Laxmi

इतने में लक्ष्मी जी आई और कहा कि, “सेठ जी, आप थोड़ा बाहर जाओ… मैं इन से निबट लूँ!” माता लक्ष्मी जी भगवान् से बोली, “प्रभु , अब तो मान गए?” भगवान नारायण बोले, “हां लक्ष्मी तुम्हारा प्रभाव तो है, लेकिन एक बात तुम को भी मेरी माननी पड़ेगी कि तुम तब आई, जब संत के रूप में मैं यहाँ आया!! अथार्त संत जहां कथा करेंगे वहाँ लक्ष्मी तुम्हारा निवास जरुर होगा…!!”

यह कह कर नारायण भगवान् ने वहां से बैकुंठ के लिए विदाई ली। अब प्रभु के जाने के बाद अगले दिन सेठ के घर सभी गाँव वालों की भीड़ हो गयी। सभी चाहते थे कि यह माता सभी के घरों में बारी 2 आये। पर यह क्या ? लक्ष्मी माता ने सेठ और बाकी सभी गाँव वालों को कहा कि, अब मैं भी जा रही हूँ। सभी कहने लगे कि, माता, ऐसा क्यों, क्या हमसे कोई भूल हुई है ? माता ने कहा, “मैं वही रहती हूँ जहाँ नारायण का वास होता है। आपने नारायण को तो निकाल दिया, फिर मैं कैसे रह सकती हूँ ?’ और वह चली गयी।

सार : जो लोग केवल माता लक्ष्मी को पूजते हैं, वे भगवान् नारायण से दूर हो जाते हैं। अगर हम भगवान् नारायण की पूजा करें तो लक्ष्मी जी तो वैसे ही पीछे 2 आ जाएँगी, क्योंकि वह उनके बिना रह ही नही सकती ।

जहाँ परमात्मा की याद है। जहाँ कथा और कीर्तन है वहाँ लक्ष्मी का वास होता है।
केवल लक्ष्मी के पीछे भागने वालों को न माया मिलती ना ही राम।

धन्यवाद
ज्योति गोयनका

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About jyotee Goenka

जय माता दी, मै ज्योति गोयनका आप सब का अपने इस ब्लॉग में स्वागत करती हूँ यह ब्लॉग मैंने माता रानी की प्रेरणा से हमारे समाज में धरम प्रचार का एक छोटा सा प्रयास करने के लिए बनाया है, माता रानी ने मेरे जीवन में बहुत से चमत्कार किये है, मेरा यह मानना है की सच्ची भक्ति और श्रदा से भाग्य में लिखा हुआ भी बदल सकता है, धरम के मार्ग पर चलकर किसी का बुरा नहीं हो सकता, इसी विश्वास को लेकर मैंने यह एक धार्मिक ब्लॉग बनाया है, आशा करती हूँ , मेरा यह प्रयास आप सबको पसंद आएगा, इस विषय में यदि आपके कुछ सुझाव हो मुझे अवशय लिखे , जय माता दी, ज्योति गोयनका

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