शारदीय नवरात्री 2019 की डेट्स तथा नवरात्री की पूजा विधि/ Navratri 2019

By | September 22, 2019
shardiya navratri 2019

सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सवार्थ साधिके शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते

इस सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की जननी, अपने भक्तो की रक्षा करने वाली, देवी भगवती को हमारा कोटि कोटि नमस्कार !!

शारदीय नवरात्री 2019 / Shardiya Navratri 2019

इन्हीं माँ दुर्गा की आराधना करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए हिन्दुओं में नवरात्री का पर्व अत्यंत ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है | माँ दुर्गा की नौ शक्तियों के मिलन को नवरात्री कहा जाता है | देवी भागवत पुराण के अनुसार, नवरात्री वर्ष में चार बार आते है | हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्ष के प्रथम मास में प्रथम नवरात्री आते है, चौथे मास अथार्त आषाढ़ में दूसरी नवरात्री आते है | इसके पश्चात आश्विन में तीसरी और प्रमुख नवरात्री आते है | और वर्ष के 11वे मास अथार्त माघ मास में चौथे नवरात्री आते है |

इन सभी नवरात्री में आश्विन मास में आने वाले नवरात्री सबसे प्रमुख नवरात्री माने जाते है | इन नवरात्री को शारदीय नवरात्री भी कहा जाता है | माघ मास और आषाढ़ मास में आने वाले नवरात्री के विषय में लोगो को अधिक जानकारी नहीं होती, इसी कारण उन्हें गुप्त नवरात्री कहा जाता है |

आदिशक्ति माता दुर्गा की आराधना को समर्पित शारदीय नवरात्रि इस वर्ष 29 सितंबर दिन रविवार से प्रारंभ हो रहे है। ऐसा माना जाता है की इस बार मां दुर्गा घोड़े पर सवार हो कर आएगी और उनका प्रस्थान भी घोड़े पर ही होगा। इन नवरात्री में प्रत्येक दिन माता के अलग अलग रूप की पूजा की जाती है । आइए जानते है वर्ष 2019 में शारदीय नवरात्री (Shardiya Navratri 2019) की तारीखें (dates) क्या है और किस दिन करनी चाहिए देवी के किस रूप की पूजा —

Dates of Shardiya Navratri 2019 /शारदीय नवरात्री 2019 की डेट्स

29 सितंबर,2019 वार : रविवार — प्रतिपदा – प्रथम नवरात्रि
पहले दिन घट या कलश स्थापना की जाती है। इस दिन मां के शैलपुत्री स्वरुप की पूजा की जाती है।

30 सितंबर, 2019 वार : सोमवार द्वितीया नवरात्रि
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है।

1 अक्टूबर,2019 वार : मंगलवार तृतीया नवरात्रि
नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है।

2 अक्टूबर,2019 वार :बुधवार चौथा नवरात्रि
नवरात्रि के चौथे दिन मां के कुष्मांडा स्वरुप की पूजा की जाती है।

3 अक्टूबर,2019 वार : गुरुवार पांचवा नवरात्रि
नवरात्रि के 5वें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है।

4 अक्टूबर,2019 वार : शुक्रवार छठा नवरात्रि नवरात्रि के छठें दिन मां कात्यायनी की पूजा होती है।

5 अक्टूबर,2019 वार : शनिवार सप्तमी
नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है।

6 अक्टूबर, 2019 वार : रविवार अष्टमी
नवरात्रि के आठवें दिन माता महागौरी की पूजा होती है।

7 अक्टूबर, 2019 वार : सोमवार नवमी
नवरात्रि के नौवें दिन नवमी हवन करके नवरात्रि पारण किया जाता है।

8 अक्टूबर,2019 वार : मंगलवार दशमी
दुर्गा विसर्जन, विजयादशमी

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आइये अब जानते है की नवरात्री में माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए उनकी पूजा किस प्रकार करनी चाहिए :

नवरात्री की पूजा विधि / Navratri ki Puja vidhi/ Navratri 2019

नवरात्री से एक रात पहले अपने मंदिर को अच्छे से साफ कर ले, यदि संभव है तो माँ को नए वस्त्र पहनाये |

नवरात्री में प्रति दिन सुबह शीघ्र उठे और माँ के नाम का मन ही मन जाप करते हुए स्नान करे और शुद्ध वस्त्र पहने |नवरात्री में सफाई और शुद्ता का पूरा ध्यान रखे |

भक्त के वश में है भगवान्

प्रथम नवरात्री में कलश की स्थापना करे , इस कलश को आपको नौ दिनों तक मंदिर में ही रखे देने होगा। बस ध्यान रखें सुबह-शाम आवश्यकतानुसार पानी डालते रहें।

नवरात्री के इन नौ दिनों में माँ की अखण्ड ज्योति यदि आप जलाते हैं तो अति उत्तम , यह ज्योत आप शुद्ध घी अथवा तिल के तेल से भी जला सकते है | तिल का तेल भी ज्योति के लिए शुद्ध माना गया है |

नवरात्री में प्रत्येक दिन आप माँ के अलग अलग स्वरुप की पूजा करे, जिस दिन माँ के जिस स्वरुप की पूजा की जाती है, उसी दिन माँ की उसी रूप की पूजा करें |

जैसा की हम सब जानते है की लाल रंग माँ भगवती को सर्वोपरि है , इसलिए माँ को प्रसन करने के लिए लाल रंग की वस्तओं का प्रयोग करे, जैसे लाल रंग के वस्त्र, लाल रंग के फूल, लाल रंग के फल, इत्यादि |

माँ भगवती के समक्ष प्रतिदिन घी का दिया जला कर श्री दुर्गा सप्तशती के पाठ का श्रवण अथवा पठन करे, दुर्गा सप्तशती के 12वें अध्याय के अनुसार, जिस घर में प्रति दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता है, माता भगवती उस घर के सभी कष्टों को सदा के लिए दूर कर देती है |

ऐसी मान्यता है की नवरात्री में दुर्गा सप्तशती का पाठ एक करोड़ चंडी पाठ के फल के बराबर होता है, दुर्गा सप्तशती के हर अध्याय से एक विशेष मनोकामना पूर्ण होती है, यह जानने के लिए इस वीडियो को देखें |

नवरात्री के हर दिन माँ दुर्गा के 108 नामों का जाप करे, इससे माँ प्रसन होकर आशीर्वाद देती है |

नवरात्री में माँ के नवार्ण मन्त्र ” ॐ एम ह्रीं कलीम चामुण्डायै विच्चे ” का यथासंभव जाप करे, नवार्ण मंत्र को मंत्रराज कहा गया है , इस मन्त्र के जाप से मनोवांछित फल प्राप्त होते है |

दोनों समय माँ दुर्गा की प्रेमपूर्वक आरती करे |

यदि संभव है तो इन नवरात्री में माँ की आराधना करते हुए उपवास रखे, यदि सम्भव नहीं है, आप अस्वस्थ है तो शास्त्रों के अनुसार प्रथम और सप्तमी पर उपवास रखना भी मान्य है |

सुहागिन स्त्रियाँ पूजा करते समय अपने बालो को बांध कर तथा सर ढक कर ही पूजा करे, पूजा करते समय अपने सुहाग चिन्ह जैसे बिंदी, सिंदूर, चूड़ी , इत्यादि पहन कर रखे |

नवरात्री में दिन में ना सोये तथा ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करे |

प्रतिदिन बासी फूलो को बदलिए तथा हमारी प्यारी माता रानी को ताजे तथा लाल फूल प्रतिदिन (daily ) चढ़ाये |

नवरात्री में केवल फ़लाहार ले और भोजन में सेँधा नमक का ही प्रयोग (use ) करे | माता रानी को भी प्रतिदिन (daily ) अन्न रहित भोजन का ही भोग लगाए जैसे फल (fruits ), dryfruits, मेवा की खीर, इत्यादि |

नवरात्री की अष्ट्मी अथवा नवमी को विधिवत कन्या पूजन करे, उन्हें दक्षिणा और उपहार दे तथा उनके चरण स्पर्श कर उनसे आशीर्वाद (blessings ) लें |

चरण स्पर्श करते समय उन कन्याओं के हाथ में थोड़े अक्षत अथार्त चावल दे तथा उनसे वे चावल आपके सर पर डालने के लिए कहे , ऐसा करने से माता रानी का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है |

इन कन्याओं को आप माँ दुर्गा का ही रूप माने, ऐसी मान्यता है की कन्या पूजन से माँ दुर्गा अति प्रसन होती है |यदि सम्भव है तो प्रतिदिन आप माँ के समक्ष एक कन्या का पूजन करे और उनके चरण स्पर्श कर उनसे आशीर्वाद ले |

नवरात्री में किसी भी दिन माँ को एक लाल रंग की चुन्नी चढ़ाये तथा सिंगार का समान अर्पित करे |

इस प्रकार विधिवत पूजन करने से माँ दुर्गा प्रसन होती है तथा अपने भक्तो की हर प्रकार से रक्षा करती है |

जय माता दी जय माता दी जय माता दी जय माता दी

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