Pranayam ka Mahtav/प्राणायाम का महत्व इन हिंदी

By | September 13, 2019

प्राणायाम क्या है ? (What is Pranayam)

Pranayam ka Mahtav/प्राणायाम का महत्व इन हिंदी 1

प्राणायाम योग का एक महत्वपूर्ण अंग है | यह योग के आठ अंगो में से एक अंग है | योग शास्त्रों में प्राणायाम के बारे में कहा गया है की प्राणायाम मन को शुद्ध करके उसे चिंतन के योग्य बनाने की एक क्रिया है | योग आसन के द्वारा मनुष्य शारीरिक स्वास्थ्य प्राप्त कर लेता है परन्तु मन और आत्मा को शांत, शुद्ध, स्थिर तथा एकाग्रचित बनाने के लिए प्राणायाम का अभ्यास करना पड़ता है |

कर्मो का फल

प्राणायाम दो शब्दों के योग से बनता है – प्राण + आयाम !! पहला शब्द है – “प्राण”, दूसरा शब्द है – “आयाम” | प्राण का अर्थ है जो हमे शक्ति देता है, बल देता है| आयाम का अर्थ जानने के लिए हम इसका संधि विच्छेद करते है – आ + याम, याम का अर्थ होता है “गमन” और आ उपसर्ग “उल्टा” के अर्थ में प्रयोग किया जाता है | अंते: प्राणायाम का अर्थ हुआ “प्राण का उल्टा गमन”| स्थूल रूप से प्राणायाम श्वास लेने वा श्वास छोड़ने की वह क्रिया है जिसके द्वारा फेफड़े मजबूत, शरीर निरोगी और दीर्घ आयु का लाभ मिलता है |

अपने गुरु पर विश्वास रखे

जब मनुष्य जन्म लेता है तो वह गहरी श्वास लेता है और जब मरता है तो श्वास छोड़ देता है | इस बात से यह सिद्द होता है की श्वास ही प्राण है | प्राणायाम के द्वारा गहरी श्वास ली जाती है जिससे शरीर के सभी अंगो को भरपूर वायु मिलती है| हमारे प्राचीन भारत के ऋषि मुनियों ने प्राणायाम को अत्यंत लाभदायक और महत्वपूर्ण बताया है |

आइये जानते है की प्राणायाम का हमारे शरीर और जीवन में क्या लाभ है —

Pranayam ka Mahtav

प्राणायाम से हृदय (heart), फेफड़े (lungs) तथा शरीर के सभी organs मजबूत होते है |

रामदेव बाबा के कथनानुसार body में किसी भी प्रकार की allergy हो तो वह भी कपालभाति प्राणायाम के नियमित अभ्यास से धीरे धीरे ठीक होने लगती है |

पूरे शरीर में blood circulation बढ़ता है, शरीर के कई parts जो blood circulation ठीक ना होने के कारण अशक्त हो जाते है और इस कारण शरीर में कई प्रकार की बीमारियां (diseases ) जैसे गठिया, तिल्ली बढ़ना, शरीर में दर्द , शरीर का टूटना, आदि धीरे धीरे ठीक होने लगती है |

कपालभाति प्राणायाम के नियमित अभ्यास से obesity (मोटापा) भी काफी हद तक control किया जा सकता है | जिससे शरीर पतला होकर सूंदर लगने लगता है और जिस कारण व्यक्ति का confidence बढ़ने लगता है |

आजकल ladies में uterus related कई रोग देखने को मिलते है परन्तु कुछ प्राणायामों के नियमित अभ्यास से ये सब problems भी धीरे धीरे दूर होने लगती है |

एक शोध से पता चला है की जिन लोगो का hemoglobin कम होता है उन्हें थकावट जल्दी हो जाती है परन्तु कपालभाति प्राणायाम के नियमित अभ्यास से उनका hemoglobin भी धीरे धीरे ठीक होने लगता है, परिणामस्वरुप जल्दी थकावट की problem भी दूर हो जाती है |

दूसरो की परेशानी मे उनकी मदद करे

प्राणायाम के द्वारा शुद्ध वायु शरीर में जाकर blood को भी purify करती है , जब blood purify होता है तो इसका परिणाम body के सभी parts पर पड़ता है जिससे शरीर स्वयं ही निरोगी हो जाता है |

pranayam ka mahtav

Skin सूंदर और glowing हो जाती है |

जो लोग प्राणायाम का regular अभ्यास करते है उनके केश (hair) भी लम्बे समय तक black रहते है |

मन बिलकुल शांत और निर्मल हो जाता है |

प्राणायाम depression (अवसाद) में भी बहुत लाभकारी है |

रात को नींद बहुत अच्छी आती है |

कपालभाति प्राणायाम से ladies में मासिक धर्म के अनियमिता की problem दूर होने लगती है |

Digesting system (पाचन तन्त्र ) improve होता है और उदर सम्बन्धी रोग दूर हो जाते है |

बालो का झड़ना, सफेद होना, face पर wrinkles पड़ना दूर हो जाता है |

भस्त्रिका प्राणायाम करने से शरीर को भरपूर oxygen मिलती है, फलस्वरूप शरीर के कई रोग दूर होने लगते है |

यौवन लम्बे समय तक बना रहता है, बुढ़ापा देर से आता है |

Concentration और यादाशत धीरे धीरे बढ़ने लगती है |

प्राणायाम का daily अभ्यास करने से thinking भी positive होने लगती है |

बाबा रामदेव के अनुसार कपालभाति ऐसा प्राणायाम (pranayam ) है जिससे कई असाध्य रोग धीरे धीरे ठीक होने लगते है |

जैसे कर्म करेगा वैसे फल देगा भगवान्

Singing करने वाले यदि भ्रामरी प्राणायाम daily करे तो उनके vocals और voice दोनों ही better होने लगते है, यह मेरा खुद का experience है |

प्राणायाम से मेरे husband का असाध्य रोग हुआ दूर

अब मै आपके साथ स्वंय का experience share करना चाहती हूँ | कुछ वर्ष पूर्व मेरे husband गंभीर रूप से बीमार हो गए थे , वह इतने बीमार थे की आशा कम ही थी | परन्तु तभी मैंने प्राणायाम के विषय में कहीं पढ़ा और मैंने अपने husband को सुबह 4 बजे पार्क ले जाना start किया | 4 बजे जब पार्क में सभी पेड़ पौधे full oxygen छोड़ते है तब मैंने अपने पति को प्राणायाम कराना start किया और 6 -7 महीनो के बाद ही मेरे husband की health में आश्चयर्जनक improvement आने लगी और धीरे धीरे वह बिलकुल ठीक हो गए | और उस समय मुझे ईश्वर और प्राणायाम की power के बारे में realize हुआ |

अंत में मै आप सब से निवेदन करती हूँ की आप सब भी थोड़ा समय निकाल कर अपने लिए, yes, अपने लिए प्राणायाम अवशय करे , कुछ ही समय के बाद आप अपने शरीर के साथ साथ अपने जीवन में भी change महसूस करेंगे !!

मेरी यह post आपको कैसी लगी, मुझे लिखना ना भूले
धन्यवाद,
ज्योति गोयनका

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