माता सीता की अनसुनी कथा – आखिर क्यों किया माता सीता ने कुम्भकरण के पुत्र का वध /Sita mata ki kahani

उस छाया को आते देख कर मूलकासुर भयभीत हो गया। तब चंडी छाया ने मूलकासुर से कहा :

” मै तेरी मृत्यु चंडी हूँ , तूने ब्राह्मणो का वध किया है , अब मै तेरा वध कर उनका ऋण चुकाऊँगी। ” ऐसा कह कर चंडी छाया ने “चंडिका अस्त्र ” धारण किया और मूलकासुर का सर धड़ से अलग कर दिया। वह कटा हुआ सर लंका के द्वार पर जा गिरा। और इस प्रकार माता सीता ने कुम्भकर्ण के पुत्र मूलकासुर का वध कर दिया।” (Sita Mata ki kahani)

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जय माता सीता जय माता सीता जय माता सीता जय माता सीता

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