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भक्त के वश में है भगवान्

एक कसाई था सदना। वह बहुत ईमानदार था, वह सदा भगवान के नाम कीर्तन में ही मस्त रहता था। यहां तक की मांस को काटते-बेचते हुए भी वह भगवद्नाम गुनगुनाता रहता था । एक दिन वह अपनी ही धुन में कहीं जा रहा था, कि उसके पैर से कोई पत्थर टकराया। सदना वहीँ रूक गया,… Read More »